आज का पंचांग: तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त का महत्व

क्या आप जानना चाहते हैं कि आज का दिन आपके लिए कितना शुभ है? आज का पंचांग (दैनिक पंचांग) आपको दैनिक जीवन के सभी महत्वपूर्ण ज्योतिषीय पहलुओं की जानकारी देता है। यह हिंदू कैलेंडर हमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण जैसी पांच प्रमुख चीजों के बारे में बताता है, जिससे हम अपने धार्मिक, सामाजिक और व्यक्तिगत कार्यों के लिए सबसे शुभ समय का चुनाव कर सकें।

रविवार, अक्टूबर 18, 2026

आज का पंचांग

तिथि
सप्तमी - पूर्ण रात्रि तक
नक्षत्र
मूल - 09:47:45 तक
करण
गर - 19:13:16 तक
पक्ष
शुक्ल
योग
अतिगंड - 23:02:44 तक
वार
शनिवार

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

सूर्योदय
06:22:45
सूर्यास्त
17:49:58
चन्द्र राशि
धनु
चन्द्रोदय
12:22:59
चन्द्रास्त
22:34:59
ऋतु
शरद

हिन्दू मास एवं वर्ष

शक सम्वत
1948   पराभव
विक्रम सम्वत
2083
काली सम्वत
5127
प्रविष्टे / गत्ते
31
मास पूर्णिमांत
आश्विन
मास अमांत
आश्विन
दिन काल
11:27:12

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)

दुष्टमुहूर्त
06:22:45 से 07:08:34 तक, 07:08:34 से 07:54:23 तक
कुलिक
07:08:34 से 07:54:23 तक
कंटक
11:43:28 से 12:29:16 तक
राहु काल
09:14:34 से 10:40:28 तक
कालवेला / अर्द्धयाम
13:15:05 से 14:00:54 तक
यमघण्ट
14:46:43 से 15:32:32 तक
यमगण्ड
13:32:16 से 14:58:10 तक
गुलिक काल
06:22:45 से 07:48:40 तक

शुभ समय (शुभ मुहूर्त)

अभिजीत
11:43:28 से 12:29:16 तक

दिशा शूल

दिशा शूल
पूर्व

चन्द्रबल और ताराबल

ताराबल
अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन
ग्रह राशि रेखांश नक्षत्र पद
सूर्य कन्या 29-26-51 चित्रा 2
चंद्र धनु 11-38-57 मूल 4
मंगल कर्क 16-30-41 पुष्य 4
बुध तुला 23-50-59 विशाखा 2
गुरू कर्क 27-59-37 आश्लेषा 4
शुक्र तुला 10-36-34 स्वाती 2
शनि मीन 16-04-14 उ0भाद्रपद 4
राहु कुंभ 02-37-36 धनिष्ठा 3
केतु सिंह 02-37-36 मधा 1
यूरे वृषभ 10-57-31 रोहिणी 1
नेप मीन 08-08-09 उ0भाद्रपद 2
प्लू मकर 08-38-21 उ0षाढा 4

आज का ज्योतिषीय विचार

“जो ज्योतिष समझता है, वह ब्रह्मांड को समझता है।”

— भृगु संहिता

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग देखना एक प्राचीन परंपरा है। यह न सिर्फ एक कैलेंडर है, बल्कि ज्योतिषीय गणनाओं का एक संग्रह है जो हमें समय की प्रकृति और ऊर्जा के बारे में बताता है। पंचांग शब्द पांच अंगों से मिलकर बना है, जो समय के पांच प्रमुख घटकों का प्रतिनिधित्व करते हैं।


पंचांग के पांच मुख्य अंग

पंचांग में मुख्य रूप से इन पांच घटकों का विस्तृत विवरण होता है:


दैनिक जीवन में पंचांग का महत्व

पंचांग का उपयोग सिर्फ धार्मिक कार्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन में भी बहुत उपयोगी है।

आज के डिजिटल युग में, आप आसानी से ऑनलाइन आज का पंचांग देख सकते हैं और अपने दिन की योजना ग्रहों की स्थिति के अनुसार बना सकते हैं।