आज का पंचांग: तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त का महत्व

क्या आप जानना चाहते हैं कि आज का दिन आपके लिए कितना शुभ है? आज का पंचांग (दैनिक पंचांग) आपको दैनिक जीवन के सभी महत्वपूर्ण ज्योतिषीय पहलुओं की जानकारी देता है। यह हिंदू कैलेंडर हमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण जैसी पांच प्रमुख चीजों के बारे में बताता है, जिससे हम अपने धार्मिक, सामाजिक और व्यक्तिगत कार्यों के लिए सबसे शुभ समय का चुनाव कर सकें।

रविवार, अगस्त 09, 2026

आज का पंचांग

तिथि
दशमी - 14:01:21 तक
नक्षत्र
रोहिणी - 16:52:00 तक
करण
विष्टि - 14:01:21 तक, बव - अगस्त 9, 2026

को 00:35:56 बजे

"24:35:56 तक
पक्ष
कृष्ण
योग
घ्रुव - 09:01:39 तक, व्याघात - अगस्त 9, 2026

को 05:37:54 बजे

"29:37:54 तक
वार
शनिवार

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

सूर्योदय
05:46:03
सूर्यास्त
19:07:05
चन्द्र राशि
वृषभ - अगस्त 9, 2026

को 03:49:42 बजे

"27:49:42 तक
चन्द्रोदय
अगस्त 9, 2026

को 01:32:00 बजे

"25:32:00
चन्द्रास्त
15:18:59
ऋतु
वर्षा

हिन्दू मास एवं वर्ष

शक सम्वत
1948   पराभव
विक्रम सम्वत
2083
काली सम्वत
5127
प्रविष्टे / गत्ते
23
मास पूर्णिमांत
श्रावण
मास अमांत
आषाढ
दिन काल
13:21:02

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)

दुष्टमुहूर्त
05:46:03 से 06:39:27 तक, 06:39:27 से 07:32:51 तक
कुलिक
06:39:27 से 07:32:51 तक
कंटक
11:59:52 से 12:53:16 तक
राहु काल
09:06:18 से 10:46:26 तक
कालवेला / अर्द्धयाम
13:46:40 से 14:40:05 तक
यमघण्ट
15:33:29 से 16:26:53 तक
यमगण्ड
14:06:42 से 15:46:50 तक
गुलिक काल
05:46:03 से 07:26:10 तक

शुभ समय (शुभ मुहूर्त)

अभिजीत
11:59:52 से 12:53:16 तक

दिशा शूल

दिशा शूल
पूर्व

चन्द्रबल और ताराबल

ताराबल
अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद
चन्द्रबल
वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन
ग्रह राशि रेखांश नक्षत्र पद
सूर्य कर्क 21-16-48 आश्लेषा 2
चंद्र वृषभ 16-37-25 रोहिणी 2
मंगल मिथुन 03-31-59 मृगशिरा 4
बुध कर्क 03-15-01 पुनर्वसु 4
गुरू कर्क 14-14-55 पुष्य 4
शुक्र कन्या 06-59-34 उ0फाल्गुनी 4
शनि मीन 20-22-15 रेवती 2
राहु कुंभ 06-20-15 धनिष्ठा 4
केतु सिंह 06-20-15 मधा 2
यूरे वृषभ 11-01-23 रोहिणी 1
नेप मीन 09-51-43 उ0भाद्रपद 2
प्लू मकर 09-34-29 उ0षाढा 4

आज का ज्योतिषीय विचार

“ज्योतिष केवल भविष्यवाणी नहीं, यह जीवन मार्गदर्शन है।”

— वराहमिहिर

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग देखना एक प्राचीन परंपरा है। यह न सिर्फ एक कैलेंडर है, बल्कि ज्योतिषीय गणनाओं का एक संग्रह है जो हमें समय की प्रकृति और ऊर्जा के बारे में बताता है। पंचांग शब्द पांच अंगों से मिलकर बना है, जो समय के पांच प्रमुख घटकों का प्रतिनिधित्व करते हैं।


पंचांग के पांच मुख्य अंग

पंचांग में मुख्य रूप से इन पांच घटकों का विस्तृत विवरण होता है:


दैनिक जीवन में पंचांग का महत्व

पंचांग का उपयोग सिर्फ धार्मिक कार्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन में भी बहुत उपयोगी है।

आज के डिजिटल युग में, आप आसानी से ऑनलाइन आज का पंचांग देख सकते हैं और अपने दिन की योजना ग्रहों की स्थिति के अनुसार बना सकते हैं।