आज का पंचांग: तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त का महत्व

क्या आप जानना चाहते हैं कि आज का दिन आपके लिए कितना शुभ है? आज का पंचांग (दैनिक पंचांग) आपको दैनिक जीवन के सभी महत्वपूर्ण ज्योतिषीय पहलुओं की जानकारी देता है। यह हिंदू कैलेंडर हमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण जैसी पांच प्रमुख चीजों के बारे में बताता है, जिससे हम अपने धार्मिक, सामाजिक और व्यक्तिगत कार्यों के लिए सबसे शुभ समय का चुनाव कर सकें।

शनिवार, जून 06, 2026

आज का पंचांग

तिथि
पंचमी - जून 6, 2026

को 01:23:23 बजे

"25:23:23 तक
नक्षत्र
श्रवण - पूर्ण रात्रि तक
करण
कौलव - 12:31:34 तक, तैतिल - जून 6, 2026

को 01:23:23 बजे

"25:23:23 तक
पक्ष
कृष्ण
योग
ब्रह्म - 09:41:40 तक
वार
शुक्रवार

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

सूर्योदय
05:22:57
सूर्यास्त
19:16:10
चन्द्र राशि
मकर
चन्द्रोदय
23:14:00
चन्द्रास्त
09:18:00
ऋतु
ग्रीष्म

हिन्दू मास एवं वर्ष

शक सम्वत
1948   पराभव
विक्रम सम्वत
2083
काली सम्वत
5127
प्रविष्टे / गत्ते
22
मास पूर्णिमांत
ज्येष्ठ (अधिक)
मास अमांत
ज्येष्ठ (अधिक)
दिन काल
13:53:13

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)

दुष्टमुहूर्त
08:09:35 से 09:05:08 तक, 12:47:19 से 13:42:52 तक
कुलिक
08:09:35 से 09:05:08 तक
कंटक
13:42:52 से 14:38:25 तक
राहु काल
10:35:24 से 12:19:33 तक
कालवेला / अर्द्धयाम
15:33:58 से 16:29:31 तक
यमघण्ट
17:25:04 से 18:20:37 तक
यमगण्ड
15:47:51 से 17:32:00 तक
गुलिक काल
07:07:06 से 08:51:15 तक

शुभ समय (शुभ मुहूर्त)

अभिजीत
11:51:47 से 12:47:19 तक

दिशा शूल

दिशा शूल
पश्चिम

चन्द्रबल और ताराबल

ताराबल
अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद
चन्द्रबल
मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन
ग्रह राशि रेखांश नक्षत्र पद
सूर्य वृषभ 20-09-06 रोहिणी 4
चंद्र मकर 10-50-26 श्रवण 1
मंगल मेष 18-28-36 भरणी 2
बुध मिथुन 11-25-42 आद्र्रा 2
गुरू कर्क 00-33-59 पुनर्वसु 4
शुक्र मिथुन 25-53-17 पुनर्वसु 2
शनि मीन 18-19-55 रेवती 1
राहु कुंभ 09-43-48 शतभिषा 1
केतु सिंह 09-43-48 मधा 3
यूरे वृषभ 08-06-36 कृतिका 4
नेप मीन 09-50-48 उ0भाद्रपद 2
प्लू मकर 10-53-02 श्रवण 1

आज का ज्योतिषीय विचार

“भाग्य वही खिलता है जो कर्म और ग्रहों के संतुलन से पोषित हो।”

— ऋषि अंगिरस

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग देखना एक प्राचीन परंपरा है। यह न सिर्फ एक कैलेंडर है, बल्कि ज्योतिषीय गणनाओं का एक संग्रह है जो हमें समय की प्रकृति और ऊर्जा के बारे में बताता है। पंचांग शब्द पांच अंगों से मिलकर बना है, जो समय के पांच प्रमुख घटकों का प्रतिनिधित्व करते हैं।


पंचांग के पांच मुख्य अंग

पंचांग में मुख्य रूप से इन पांच घटकों का विस्तृत विवरण होता है:


दैनिक जीवन में पंचांग का महत्व

पंचांग का उपयोग सिर्फ धार्मिक कार्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन में भी बहुत उपयोगी है।

आज के डिजिटल युग में, आप आसानी से ऑनलाइन आज का पंचांग देख सकते हैं और अपने दिन की योजना ग्रहों की स्थिति के अनुसार बना सकते हैं।